Sahaj Rajyog / सहज राजयोग योग-साधना-परिचय

शरीर और मन को स्वस्थ रखने के लिए तुलनात्मक दृष्टि से हम देखें तो अन्य कोई व्यायाम पद्धति ऐसी सर्वांगीण एवं उपयुक्त नहीं है जो योगासन, प्राणायाम, ध्यान आदि के समक्ष टिक सके, जिसे सभी व्यक्ति सहज भाव में अपना सके तथा स्त्री-पुरुष, बालक, युवा एव वृद्ध सभी के लिए सुगम सरल एवं उपादेय हो…