प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वजीरएक्स (WazirX) क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के निदेशक समीर म्हात्रे (Sameer Mhatre) के ठिकानों पर छापेमारी की है।

ईडी ने उनके खातों को भी सीज कर लिया है। बताया जा रहा है उनके खातों में पड़ी 64.67 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया है।

राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने एक लिखित उत्तर में बताया कि ED इस क्रिप्टो एक्सचेंज के खिलाफ क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े दो मामलों की फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत जांच कर रहा है।

WazirX के जरिए लगभग 2,790 करोड़ रुपये की कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ED कर रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक,

ED ने वजीरएक्स चलाने वाली कंपनी जानमाई लैब के एक निदेशक से संबंधित परिसरों की तलाशी ली, इस दौरान मिली गड़बड़ी को देखते हुए ED निदेशक के 64.67 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस को फ्रीज करने का फैसला किया है।

कंपनी के निदेशक पर आरोप है कि उन्होंने क्रिप्टो संपत्तियों की खरीद और हस्तांतरण के माध्यम से धोखाधड़ी के पैसे की मनीलॉन्ड्रिंग में आरोपी इंस्टेंट लोन ऐप कंपनियों की मदद की है।

कंपनी के निदेशक पर आरोप है कि उन्होंने क्रिप्टो संपत्तियों की खरीद और हस्तांतरण के माध्यम से धोखाधड़ी के पैसे की मनीलॉन्ड्रिंग में आरोपी इंस्टेंट लोन ऐप कंपनियों की मदद की है।

ईडी ने जांच में पाया है कि फिनटेक कंपनियों ने क्रिप्टो एसेट्स खरीदने में मोटा पैसा खर्च किया और फिर उन्हें विदेशों में ट्रांसफर कर दिया। 

इन कंपनियों और इनके वर्चुअल एसेट्स को फिलहाल ट्रेस नहीं किया जा सकता। जांच में पाया गया कि अधिकतम रकम को वजीरएक्स एक्सचेंज को भेज दिया गया था 

और इस तरह खरीदे गए क्रिप्टो-एसेट्स को अज्ञात विदेशी वॉलेट में ट्रांसफर कर दिया गया था।