Black Hat SEO और White Hat SEO क्या होता है?

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क्या आपको Black Hat SEO और White Hat SEO के बारे में पता है? यदि नहीं तो चिंता की कोई बात नहीं क्यूंकि आज हम इन्ही के बारे में जानेंगे।

आप ये अच्छे से जानते हैं की आपकी ब्लॉग में वेबसाइट को सर्च इंजन में रैंक करने के लिए ट्रैफिक बढ़ाने के लिए सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (एसईओ) करना बहुत जरूरी होता है। अगर आपको वेबसाइट या ब्लॉग चलाने का थोड़ा बहुत अनुभव है तो आपके Black Hat SEO और White Hat SEO के बारे में सुना होगा।

अगर आप नए ब्लॉगर हैं, तो हो सकता है आपको इनके अंतर के बारे में पता न हो। आज के मुझे पोस्ट करें हम Black Hat SEO और White Hat SEO में क्या अंतर है इसके बारे में बताएंगे, साथ में आप भी जानेंगे की ये आपके एसईओ पर किस तरह इफेक्ट डालता है।

मैने काई ऐसे ब्लॉग्स या ब्लॉगर्स को सुना है पढ़ा है वेबसाइट की रैंकिंग को बेहतर करने के लिए “बैकलिंक्स” के बारे में बताते हैं। आपने भी सुना होगा के अच्छे बैकलिंक्स से आपकी साइट की रैंकिंग बेहतर होगी। बहुत से साइट आपको ऐसी सर्विस भी ऑफर करते हैं, की आप इतने पे करो हम हजारों साइट्स से आपको बैकलिंक्स देंगे। नए ब्लॉगर्स ऐसी सेवा खरीद भी लेते हैं।

लेकिन होता क्या है आपकी सर्च रैंक में सुधार होने की जगह बेकार हो जाती है। क्यूंकि बाद में पता चलता है, इस तरह के लिंक स्पैम या ऑटोमेटेड वेबसाइटों से आते हैं जो कि अच्छा करने की जगह बुरा कर जाते हैं।

गूगल भी आपको पेनाल्टी दे सकता है।लेकिन इसमे पूरी गलती उन नए ब्लॉगर्स की भी नहीं है। क्यों उनके पास पर्याप्त जानकारी नहीं होती है, आगर होती भी है तो गलत। आप ये क्यों नहीं समझते की ब्लॉगिंग में वेबसाइट की रैंकिंग बढ़ाने का कोई शॉर्टकट नहीं है। रैंकिंग में सुधार बहुत से फैक्टर पर निर्भर करता है जो धीरे-धीरे आपके साइट की रैंक को सुधारता है। आप रातों रात अपनी साइट को विकसित नहीं कर सकते।

अभी हम ब्लैक हैट एसईओ के बारे में जानेंगे। ये आपके अलावा दूसरे नए ब्लॉगर्स को भी गलतियां करने से बचाएगा। इसे आपकी एसईओ प्रैक्टिस भी अच्छी होगी।

ब्लैक हैट एसईओ तकनीक वो है जिसका प्रयोग गलत माना जाता है। ब्लॉगर्स कम्युनिटी ने तो कभी ब्लैक हैट एसईओ को सही नहीं माना। हां इसके सामने है व्हाइट हैट एसईओ हम सभी प्रयोग करते हैं। और ये व्हाइट हैट एसईओ तकनीक सही भी है।

Black Hat SEO और White Hat SEO में फर्क क्या है?

ये तो हम सब जाते हैं की किसी काम को करने का एक सही तरीका होता है और गलत तरीका भी होता है।ये बात एसईओ तकनीक पर भी लागू होती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एसईओ प्रोफेशनल्स या एजेंसियों के कुछ मानदंड, पैरामीटर और नियम और Recommended Trends को फॉलो करते हैं।

जिसे सभी बड़े सर्च इंजन की ट्रैफिक से स्वीकार किया गया है। इन सर्च सर्च इंजन की ट्रैफिक से बनाई गाइडलाइन्स में जो एसईओ तकनीकें हैं उपयोग ही हम व्हाइट हैट एसईओ कहते हैं।

लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब लॉग व्हाइट हैट एसईओ को इस तरह से उपयोग करते है की वो स्पैम की तरह बन जाता है और देखते देखते ही वो ब्लैक हैट एसईओ बन जाता है या फिर जिसे सर्च इंजन स्वीकार नहीं करते हैं। इसी तरह व्हाइट हैट एसईओ को गलत रूप से उपयोग करने का एक उदाहरण है बैक लिंक बिल्डिंग।

वहीँ गेस्ट पोस्टिंग और आर्टिकल डायरेक्टरी सबमिशन जो की एक तरह की ब्लॉगिंग हुआ करता था, बैक लिंक बिल्डिंग के वजह से बंद कर दिया गया।

एक तरह से, ब्लैक हैट एसईओ को हमेशा कम समय में सर्च इंजन में अच्छा रैंक करने के लिए उपयोग किया जाता है और ब्लैक हैट एसईओ तकनीकों का सबसे बड़ा नुकसान ये है कि लंबे समय तक काम नहीं करता है। वही अगर आप ब्लैक हैट एसईओ का इस्तेमाल करते हैं तो सर्च इंजन की ट्रैफिक से ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाता है।

आइये अब कुछ सामान्य ब्लैक हैट एसईओ विधियों के बारे में जानते हैं जिनका आजकल प्रयोग होता है।

Black Hat SEOWhite Hat SEO
ब्लैक हैट एसईओ aggressive SEO tactics और strategies का उपयोग करता है। जो केवल सर्च इंजन पर ध्यान केंद्रित करते हैं न कि ह्यूमन विज़िटर्स पर।व्हाइट हैट एसईओ ऑप्टिमाइजेशन SEO tactics और strategies उपयोग करता है। जो सर्च इंजन के विपरीत मानव दर्शकों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं और पूरी तरह से सर्च इंजन के नियमों और नीतियों का पालन करते हैं।
इसका उपयोग उन लोगों द्वारा किया जाता है जो अपनी वेबसाइट पर जल्दी पैसा कमाने की तलाश में हैं.यह वेबसाइट की परफॉरमेंस को बनाए रखने के साथ-साथ search engine result page(SERP) पर आपके सर्च प्रदर्शन में सुधार करता है।
It contain stuff and spam keywords into the on-page contents to fool the search engine spiders and improve ranking.It contain properly research, craft titles, Meta tags according to webpage, industry, relevance
It consists of irrevelant back links.It get the link because of quality content.
It exchange the links for the ranking.It consists of natural links.
It is also known as Unethical SEO.It is also known as Ethical SEO.
It is used for short term goals and benefits.It is used for long term goal and benefits.

 Black Hat SEO Techniques

ब्लैक हैट एसईओ में बहुत से ऐसी तकनीक का उपयोग होता है जो विश्वसनीय एसईओ प्रोफेशनल या सर्च इंजन स्वीकार्य नहीं करते हैं। मैं यहाँ कुछ शॉर्टकट और दोषपूर्ण एसईओ तकनीकों की सूची दे रहा हूं जो गलत है। आप इनका भूल कर भी उपयोग न करें। अगर आप ऐसा कर रहे हैं तो इसे बंद कर दें।

Meta Tag Stuffing

किसी भी एसईओ प्रक्रिया को करते समय जो मेटा टैग कीवर्ड लिखते हैं उस समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए की आपके पेज में जो सामग्री दिया गया है वो कीवर्ड उसी को रेपरसेन्ट करते हैं। किसी भी एक कीवर्ड का मेटा टैग में हद से अधिक उपयोग मेटा टैग स्टफिंग की तरह माना जाता है।

Keyword Stuffing

आपके पोस्ट में targeted keyword कितना होना चाहिए इसका कोई फिक्स पैरामीटर नहीं है। इस बात को लेकर कई बहस भी हुई है। लेकिन एसईओ प्रोफेशनल्स और एसईओ प्लगइन्स के अनुसार 2-3% कीवर्ड डेंसिटी को पसंद करते हैं। अपने पेज में बहुत अधिक keyword density को बढ़ा लेना भी गलत है। सर्च इंजन बोट्स को भ्रामित करने के लिए या धोखा देने के लिए अधिक कीवर्ड का इस्तेमाल करना गलत है जो कीवर्ड स्टफिंग कहलाता है।

Cloaking

कुछ ब्लॉग्स या वेबसाइट सर्च इंजन और विज़िटर के लिए एक पेज के दो वर्शन बनाते हैं। जब सर्च इंजन स्पाइडर या बोट इन पेजों को क्रॉल करता है तो पेज बनाने के प्रोसेस से वो संतुष्ट हो जाता है, लेकिन विजिटर्स को डिस्प्ले कुछ और ही होता है। यही प्रोसेस क्लॉकिंग कहलाता है।

Doorway or Gateway Page

ये low quality web pages होते हैं। ये ऐसे वेब पेज होते हैं जो बहुत शार्ट होते हैं लेकिन कीवर्ड स्टफिंग से भरी हुई होती है। सर्च इंजन ऐसे पेजों को जल्दी ही बंद कर देते हैं। ऐसे पुअर क्वालिटी के पेज बनाने के प्रोसेस को ही Doorway ya Gateway page कहा जाता है। ऐसा पेज ज्यादातर कहीं से कॉपी किया हुआ होता है।

Mirror Websites

ये सबसे ज्यादा बेकार एसईओ तकनीक है। इसमे एक इंसान कई वेबसाइट्स करता है लेकिन सभी वेबसाइट्स पर कंटेंट एक जैसा ही होता है।

Page Hijacking

पेज हाईजैकिंग ऐसी तकनीक है जिसमे डमी, फर्जी कंटेंट या कॉपी करके कंटेंट बनाते है। जिसे क्रॉलर के सामने ओरिजिनल कंटेंट की तरह पेश किया जाता है। और ये यूजर को फ्रॉड वेबसाइट पर भीज देता है।

ये कुछ ऐसी तकनीकें हैं जो black hat seo के तहत आती हैं जिनसे बचना चाहिए। ये आपके साइट या ब्लॉग को नुकसान पहुंचाती है।

White Hat SEO Techniques

अब आइये बात करते हैं कुछ White Hat SEO Techniques के बारे में। जिस तरह से हमें कुछ एसईओ तकनीकों से बचना चाहिए, उसी तरह कुछ एसईओ तकनीकें हैं जिनको हमें फॉलो भी करना चाहिए। वेबसाइट को SEO फ्रेंडली के लिए ये तरीके करना बहुत जरूरी है। इनको हम व्हाइट हैट एसईओ तकनीक कहते हैं।

Follow Search Engine Guidelines

ये एसईओ के लिए सबसे पहला और जरुरी कदम है की आप सर्च इंजन की गाइडलाइंस को फॉलो करें। आपको ये समझौता होगा की अपनी वेबसाइट को सर्च इंजन में सबमिट करने से पहले उनके दिशा-निर्देशों को आप फॉलो करें। दिशानिर्देशों में आगर आप को पालन नहीं करते हैं तो इस्का उलंघन आपको बहुत भारी पड़ सकता है। आप गूगल वेबमास्टर गाइडलाइन्स को यहां देख सकते हैं।

No Copy Paste

ये व्हाइट हैट एसईओ के लिए सबसे जरूरी चीज है और आपकी वेबसाइट या ब्लॉग के लिए भी। जीतना होसके 100% अपने रिसर्च के साथ ओरिजिनल कंटेंट पोस्ट करें। कॉपीराइट सामग्री से आपकी साइट सर्च इंजन में रैंक नहीं कर सकती। आपका पोस्ट जीता यूनिक और ओरिजिनल होगा आपको उतना ही सर्च रैंक में ऊपर आने में मदद मिलेगी। साथ ही आपके दर्शक भी लगातार बने रहेंगे।

Visitor Friendly Content 

विज़िटर फ्रेंडली कंटेंट से मेरा मतलब है वेबसाइट में जो आपने इमेज और कंटेंट पोस्ट की है वो कंटेंट विजिटर्स के अनुसार ही हो। बेकार के फोटो या फाइल्स न हो जो यूजर को मैनुपुलेट करे। व्हाइट हैट एसईओ के लिए जरुरी है की आपने जिस में मुझे कंटेंट लिखा है वही विजिटर्स को मिले।

Good quality content

ये तो आप ने हर जगह देखा होगा, कंटेंट इज किंग। SEO तकनीक आपके कंटेंट पर ही आधारित होता है। आप जितना अच्छा विज़िटर्स के अनुकूल और अच्छी गुणवत्ता वाली कंटेंट डालेंगे जो सूचनात्मक और सहायक हो वो खोज इंजन में अच्छा रैंक करेगा।

Good quality web pages

आपके साइट पर अच्छी गुणवत्ता वाले पेज भी होना जरुरी है, ऐसा इसलिय की अगर सर्च इंजन की एल्गोरिदम में कुछ बदलाव भी होते हैं तो आपकी साइट की रैंकिंग पर काम प्रभाव पड़े।

अंत में

अब आप समझ ही गए होंगे आपको ब्लैक हैट एसईओ को टालना है और व्हाइट हैट एसईओ तकनीक को अपनाना है। सर्च इंजन में हमेशा बदलते रहते हैं इसमे ये आपकी साइट को लॉन्ग टर्म तक रैंक करने में मदद करेगा। हां इसके लिए जरुरी आप अपनी वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करते रहें।

इस पोस्ट के बाद भी अगर आपके पास ब्लैक हैट एसईओ और व्हाइट हैट एसईओ से जुडा कोई सवाल हो या कोई भ्रम हो तो आप हमें कमेंट करें। अगर आप भी अपने साइट का एसईओ करना चाहते हैं तो आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं या मुझे मेल कर सकते हैं। पोस्ट को शेयर करें जिससे दुसरो की हेल्प हो सके धन्यवाद।

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